Weather Update In Haryana : हरियाणा में बारिश का रेड अलर्ट: पंचकूला और कालका में भारी बारिश की चेतावनी
पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, मेवात, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में 25 से 50 प्रतिशत इलाकों में बारिश होने की संभावना है।

Weather Update In Haryana : मौसम विभाग ने हरियाणा के लिए आज रात 8:30 बजे तक बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इस दौरान, पंचकूला और कालका में भारी बारिश की आशंका है, जिसके साथ ही तेज हवाएं और बिजली कड़कने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
इसके अलावा, अंबाला शहर, बराड़ा, नारायणगढ़, यमुनानगर के जगाधरी और छछरौली में मध्यम बारिश की संभावना है। करनाल के इंद्री, कुरुक्षेत्र के थानेसर, शाहाबाद व पेहोवा, और यमुनानगर के रादौर में हल्की बारिश हो सकती है।

आगामी दो दिनों का मौसम पूर्वानुमान
- 9 अगस्त: पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, मेवात, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में 25 से 50 प्रतिशत इलाकों में बारिश होने की संभावना है। वहीं, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, रोहतक, झज्जर, चरखी दादरी, भिवानी, हिसार, सिरसा और फतेहाबाद के 25 प्रतिशत इलाकों में भी बारिश हो सकती है।
- 10 अगस्त: पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत और सोनीपत के 25 से 50 प्रतिशत इलाकों में बारिश की संभावना बनी रहेगी। जबकि सिरसा और फतेहाबाद में मौसम साफ रहने का अनुमान है।
इस सीजन में सबसे ज्यादा बारिश यमुनानगर में (627.3 एमएम) दर्ज की गई है, जबकि सबसे कम बारिश कैथल (151 एमएम) और जींद (155.9 एमएम) में हुई है। यमुनानगर, रेवाड़ी, नूंह और महेंद्रगढ़ जैसे चार जिलों में 400 एमएम से अधिक बारिश दर्ज हो चुकी है, जिसे सामान्य माना जा सकता है। गुरुग्राम में अब तक 346.5 एमएम बारिश हुई है। वहीं, सोनीपत, पानीपत, पंचकूला, करनाल, कैथल, जींद, फरीदाबाद और अंबाला में सामान्य से कम बारिश हुई है। Rain In Haryana
बारिश से संभावित नुकसान और बचाव के उपाय
मौसम विभाग ने आगाह किया है कि भारी बारिश से कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। खुले में रखी कटी हुई फसलों को भारी क्षति पहुँच सकती है। निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है, जिससे बिजली और पानी जैसी जरूरी सेवाएं बाधित हो सकती हैं।

सड़कों पर पानी भरने और फिसलन के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है, जिससे यात्रा का समय बढ़ सकता है। अंडरपास में पानी भरने से वे बंद हो सकते हैं। इसके अलावा, कच्चे घरों और कमजोर दीवारों को भी नुकसान पहुँचने की संभावना है।
इन खतरों से बचने के लिए, मौसम विभाग ने लोगों को कुछ सुझाव दिए हैं:
- जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें।
- कमजोर ढांचों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- बारिश के दौरान गाड़ी सावधानी से चलाएं।
- किसान अपनी कटी हुई फसल को खुले में न रखें।












